CJP Protest: आज, “संसद मार्च”, भारत की राजधानी दिल्ली में लगभग 1 महीने से चल रहे जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन/आंदोलन में नया मोड़ आया है। 28 जून को पर्यावरणविद और शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शामिल हुए तथा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन “चलो संसद मार्च’ का आयोजन किया गया। मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और हटाने का प्रयास किया।
वहीं, आज AISA की राष्ट्रीय अध्यक्षा नेहा और AISA सदस्य मनीष, अमीन अमितोज ने 23 दिनों बाद अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दिया।
CJP के स्पोक्सपर्सन सौरभ दास और आशुतोष रंका ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी को मेट्रो स्टेशन के निकासों को बंद करके रोकने का हरसंभव प्रयास किया।

CJP Protest: प्रदर्शन के दौरान लाठी चार्ज ने बढ़ाया विवाद
चलो संसद मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस छोड़ा और लाठीचार्ज भी किया। यह करवाई तब हुई जब हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारी इस बीच घायल भी हुए।
हालांकि, ऐसी स्थिति में भी CJP के कार्यकर्ताओं ने शांति बहाल करने की पूर्ण कोशिश की। प्रोटेस्टर्स संविधान, फूल, किताब आदि जैसी वस्तुएं अपने हाथों में लिए थे।

5 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद
संसद मार्ग के आसपास की प्रमुख दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा 5 मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद किया गया था तथा निकास और प्रवेश वर्जित था।
राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद किया गया था।
AISA के छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल खत्म की
AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) के छात्र नेताओं ने 23 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म की। भूख हड़ताल को खत्म करने के लिए विपक्षी संसद और नागरिक समाज के सदस्यों (मनोज झा, योगेन्द्र यादव और शबान आजमी) ने अपील की थी तथा आश्वस्त किया कि उनकी मांगें संसद के मानसून सत्र में उठायी जाएंगी।
आंदोलन को मिला चंद्रशेखर आज़ाद, प्रकाश राज का समर्थन
संसद चलो मार्च में शबाना आजमी, प्रकाश राज, अरविंद केजरीवाल, गीतांजलि अंगमो (सोनम वांगचुक की पत्नी) शामिल थे। साथ ही विपक्षी सांसदों का भी सपोर्ट रहा। नागीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद मार्च में शामिल हुए और स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए चिंता और सहयोग जाहिर की।
लाठीचार्ज पर सपा ने सरकार को घेरा
संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर समाजवादी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने इसे अलोकतांत्रिक कार्रवाई कहा।
(अखिलेश यादव) सपा प्रमुख ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “हमारे सांसदों को पुलिस थानों में हिरासत में रखा जा रहा है, जबकि बाहर बच्चों की पिटाई की जा रही है।” उन्होंने NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले में सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और उन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने का आरोप लगाया। (डिंपल यादव) पुलिस कार्रवाई को भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन” बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्रों पर हमला किया और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया।
चंद्रशेखर आज़ाद ने भी इस कार्रवाई को लोकतंत्र पे हमला कहा।
सरकार से होगी वार्ता
CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। और तीन प्रमुख माँगे रखी,
- सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवार को 1 करोड़ रूपए का मुआवजा।
सोनम वांगचुक अब भी भूख हड़ताल पर
आज केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी, सीजेपी इस प्रोटेस्ट को निरंतर जारी रखेगी जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और मांगे पूरी नहीं हो जाती।
वहीं सोनम वांगचुक को अभी सफदरगंज अस्पताल से नहीं छोड़ा गया है तथा सोनम वांगचुक अभी भी अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर हैं। अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए, उन्होंने 3 शर्तें रखी है —
- सरकार परीक्षा में हुए धांधलियों और पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करे।
- व या सीजेपी के नेता संसद तक पहुंचे और सांसद आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दें।
- विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उनसे अस्पताल में आकर मिलें और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाने का भरोसा दिलाएं।
