यूपी में 27 वर्षीय युवक हुआ कोरोना पॉजिटिव, बीएचयू में चल रहा इलाज
वाराणसी के आशापुर के 27 वर्षीय युवक हुआ कोरोना संक्रमित, बीएचयू में चल रहा है इलाज। बीते दिनों आंध्र प्रदेश, मुंबई और अब उत्तरप्रदेश में कोरोना के नये -नये मामलों ने लोगों में डर का माहौल उत्पन्न कर दिया है। वही डर जिसने पांच साल पहले लोगों को अपनों से दूर कर दिया था। 27 वर्षीय युवक को कई दिनों से साँस लेने में तकलीफ हो रही थी, चेस्ट एवं टीबी विभाग के डॉक्टर ने कोरोना की जांच कराई, युवक के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों ने अनुसार, पांच साल बाद भी, अस्पतालों में हर महीने एक या दो मरीजों कोरोना संक्रमित आ रहे हैं।
हाई रिस्क मरीजों को है ज्यादा खतरा :
आईएमएस बीएचयू में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं डीन रिसर्च प्रोफेसर गोपालनाथ ने कहा, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोग, मधुमेह, किडनी और कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को खास सावधानी बरतने और ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे लोगों में संक्रमण होने पर जटिलताएं बढ़ सकती हैं। बुखार, खासी, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाकर जांच कराएं। उन्होंने कहा आवश्यकतानुसार मास्क का इस्तेमाल करें, हाथों को स्वच्छ रखें और तमाम सावधानियां बरतें।
कोरोना का प्रकोप रहेगा हमेशा :
प्रोफेसर गोपालनाथ के अनुसार, कोरोना वायरस कभी खत्म नहीं होगा। उनके अनुसार, 2020-21 में वायरस नया था, संक्रमित शरीर में लड़ने के लिए एंटीबॉडी नहीं थी। संक्रमण इस वजह से बहुत तेज था। दूसरी लहर में संक्रमण हुआ परन्तु वैक्सिनेशन भी करा दिया गया, जिसके बाद शरीर में एंटीबॉडी बन गई। अब कोरोना सक्रिय होने के बाद भी, ज्यादा लोगों को संक्रमित नहीं कर पा रहा है। प्रो. गोपालनाथ ने कहा, जिनके शरीर में रोध प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी, उन्हें ही खतरा है, हालांकि वे भी ज्यादा गंभीर स्थिति में नहीं आयेंगे।
पांच साल पहले का मंज़र :
पांच साल हो चुके कोरोना का वो दौर, शायद आप भूले नहीं होंगे। सड़कों पर सन्नाटा, अस्पतालों में लंबी कतारें, ऑक्सीजन के लिए तड़पते लोग, श्मशान स्थलों पर भी अंतिम संस्कार करने के लिए लाइनें लगानी पड़ी थी, अपनों को खोने का दर्द। हर चेहरे पर कोरोना का देहशत देख जा सकता था। अब एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दी है। फिलहाल, हालात पहले जैसे नहीं है।