सड़क चौड़ीकरण के दौरान 200 वर्ष प्राचीन माँ काली मंदिर का गुंबद गिरा, चंदौली का है मामला
चंदौली के मुग़लसराय में शुक्रवार, 10 जुलाई को देर रात तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा था। सड़क के बीच मंदिर होने के कारण ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया गया। ध्वस्त करने से पहले मंदिर के प्रतिमाओं को वैदिक रीति रिवाज और प्राणप्रतिष्ठा के बाद नजदीकी नवनिर्मित काली माता के मंदिर में स्थापित करा दिया गया था। तत्पश्चात मंदिर ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ, परन्तु सुरक्षा मानकों को नजरंदाज करने के कारण, ऐसी स्थिति बनी। हादसे में एक संविदा कर्मी की मौत और एक व्यक्ति घायल हो गया।
दुर्घटना का कारण :
चंदौली में 4 महीने से सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर था, शुक्रवार 10 जुलाई को देर रात काम चल रहा था। इस दौरान बुलडोजर से मंदिर का गुंबद ध्वस्त किया जा रहा था, उस समय दिवंगत बलदेव यादव रस्सी पकड़े खड़े थे, तभी गुंबद भरभराकर ढह गया जिसमें बलदेव यादव दब गये थे। हादसे को देखते ही बाकी मजदूर और आम जनता वहां पहुँची, उन्हें भारी मशक्कत के बाद निकाला गया। तत्पश्चात अस्पातल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। इस कार्य को लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा था। लोगों का कहना है तमाम जरूरी सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था।
मृतक की पहचान बलदेव यादव के रूप में हुई है :
चंदौली, मंदिर ध्वस्तीकरण के हादसे में मृतक की पहचान बलदेव यादव के रूप में हुई है। बलदेव चंदौली के स्थानीय निवासी थे। बलदेव पिछले 3 साल से उसी कंपनी में काम कर रहे थे।
डीएम का बयान :
चंदौली के डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने कहा, मामले की जांच की जा रही है। एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने कहा, परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।