धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर लगाया “छात्रों के शोषण” का आरोप
Rahul Gandhi 21 July: मंगलवार को, संसद चलो मार्च के एक दिन बाद धरना स्थल पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और विपक्ष ने नेता पहुंचे। धरना स्थल से उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देशभर में प्रदर्श किए। तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर, भुवनेश्वर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।
राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लेने के बाद में छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया। वहीं प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

21 जुलाई को क्या हुआ
Rahul gandhi 21 july, मंगलवार को सरकार द्वारा “छात्रों का शोषण” का आरोप लगाया और नीट परीक्षा के लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। इसके लिए लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने के लिए विपक्ष के कई नेता के साथ राहुल गांधी पहुंचे। वहां नेताओं को हिरासत में ले लिया गया, बाद में रिहा कर दिया गया।
क्या है पांच मांगे
मंगलवार 21 जुलाई को राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से 5 मांगे रखी, जो इस प्रक है :-
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा।
- प्रधानमंत्री द्वारा कराई गई सोमवार की कार्रवाई के लिए माफी।
- छात्रों पर किए गए हमले के लिया पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना।
- संसद में इस मुद्दे पर चर्चा।
- शिक्षा और परीक्षा पर त्वरित सुधार की मांग।

Rahul Gandhi 21 July को कहा
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा: “भारतीय शिक्षा व्यवस्था क्यों चरमरा रही है? पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? भारत में शिक्षा इतनी महंगी क्यों है? बच्चों की शिक्षा के लिए परिवारों को आर्थिक रूप से इतना संघर्ष क्यों करना पड़ता है? ये जायज सवाल हैं और इन्हें पूछने में कोई बुराई नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि इस मुद्दे पर बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बहस हो।छात्रों के हित के लिए मिलकर संघर्ष कर रहे सभी लोगों को मै दिल से धन्यवाद देता हूं।
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा
धर्मेंद्र प्रधान ने X पर ट्वीट किया —
“दल बदलू राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी संसद के मानसून सत्र के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने के लिए छात्रों का राजनीतिक उपकरण के रूप में बेशर्मी से इस्तेमाल करना जारी रखें हुए हैं।”
आगे कहा — राहुल गांधी के लिए यह छात्रों का मुद्दा नहीं है। यह हर तरह की बातचीत के वास्तविक रस्ते खुल जाने के बाद टकराव करने का मुद्दा है।