क्या है अहम फैसला, शिकायत और कंपनी का पक्ष
E20 पेट्रोल से जुड़े विवाद पर कंज्यूमर फोरम द्वारा अहम फैसला आया है। निर्णय उपभोक्ता के पक्ष में है, जिसे लोग ऐतिहासिक जीत और E20 मामले से जुड़ा पहला आदेश कह रहे हैं। रायपुर उपभोक्ता फोरम ने E20 से जुड़े विवाद को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है, जो उपभोक्ता के पक्ष में है उसके साथ ही कार कंपनी को मोटी रकम चुकाने का आदेश दिया है। जिसमें एक नई, उसी मॉडल की E20 फ्यूल कंपेटिबल कार देने या 20 लाख 50 हजार 494 रुपए का तगड़ा जुर्माना लगाया है।
कंज्यूमर फोरम ने क्या फैसला सुनाया
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिला उपभोक्ता अदालत (Additional bench) mei अतिरिक्त बेंच,(उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष प्रशांत कुंडु और सदस्य डॉक्टर. आनंद वर्गिस) ने प्रसिद्ध कार कंपनी मारुति सुजुकी और उसके स्थानीय डीलर के खिलाफ कड़ा और प्रभावशाली फैसला सुनाया है।
फैसले के अंतर्गत पीड़ित (डॉक्टर प्रेमराज देब्ता) जिन्होंने 2024 में मारुति सुजुकी की एक कार NEXA डिलरशिप से खरीदी थी। पीड़ित डॉक्टर के शिकायत और कंपनी का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने कंपनी और डीलर को सामान दोषी ठहराते हुए, कंपनी और डीलर को 45 दिन की मोहलत दी है।
45 दिनों के भीतर ग्राहक को नई E20 फ्यूल कंपेटिबल कार या गाड़ी की पूरी कीमत लगभग साढ़े बीस लाख (20,50,494) रुपए का भुगतान करना होगा। ग्राहक को हुई दिमागी परेशानी के लिए 1 लाख रुपए और अदालती कार्रवाई में खर्च के रूप में 10,000 रुपए अलग से देने होंगे। उपभोक्ता आयोग ने इसे “सेवा में कमी’ यानि Deficiency In service कहा।
शिकायतकर्ता के आरोप क्या थे
शिकायतकर्ता डॉक्टर प्रेमराज देब्ता के अनुसार, उन्होंने कार जून 2024 में लिया था, E20 पेट्रोल भरवाने के बाद, वाहन में बार बार समस्याएं आने लगीं। बार बार इंजन में समस्या, खराब प्रदर्शन, मिसफायरिंग, माइलेज आदि में गिरावट होने लगी। जब कार को सर्विस सेंटर ले जाया गया, तो वहाँ पता चला पेट्रोल में मिलावट है।
फिर डॉक्टर प्रेमराज, कार डीलर के पास गए और उन्हें पूरी जानकारी दी, डीलर ने कार में आई खराबी की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। आरोप था — उन्होंने कार E20 पेट्रोल कंपेटिबल सोच कर खरीदा था, कार बेचते समय कंपनी या डीलर ने उन्हें यह नहीं बताया कि कार का इंजन E20 के लिए तैयार नहीं है।

क्या है पूरा मामला
रायपुर निवासी डॉक्टर प्रेमराज देब्ता ने बीबीसी के अनुसार, 3 जून 2024 को E20 पेट्रोल कंपेटिबल कार लिया था। कार लेते समय उन्हें कंपनी या डीलर द्वारा यह नहीं बताया गया था कि ये कार की इंजन E20 फ्यूल के लिए कंपेटिबल नहीं है, जिसे डॉक्टर के अनुसार धोखा है।
कर खरीदने के कुछ समय बाद बार बार इंजन में खराबी आ रही थी। कई बार डॉक्टर प्रेमराज ने ठीक करवाया, बार बार सर्विस सेंटर के चक्कर काटे। सरकारी लैब में पेट्रोल टैंक में जांच करने के बाद पता चला, पेट्रोल टैंक में सफेद दही जैसा पदार्थ जमा था जो असल में पेट्रोल था। उसके बाद डीलर के पास पहुंचें, पर डीलर ने जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। तत्पश्चात डॉक्टर अदालत का दरवाजा खटखटाएं।
अदालत में इनवेस्टिगेशन के दौरान पता चला, कम्पनी ने स्पष्ट जानकारी न देने के साथ-साथ, 17 महीने पुरानी कार बेची थी, जिसका निर्माण जनवरी 2023 में हुआ था।
कंपनी का पक्ष
कंपनी ने अपने पक्ष में कहा — गाड़ी का इंजन E20 पेट्रोल के लिए अनुकूल है। सर दोषारोपण डॉक्टर प्रेमराज पर करते हुए कहा, खराबी की वजहें टूट फुट, रखरखाव की समस्या तथा अन्य बाहरी कारण हैं।
हालांकि, कंज्यूमर कोर्ट कंपनी के बातों से सहमत नहीं हुई। और उपभोक्ता के पक्ष में फैसला लिया।
किन वाहनों में है E20 पेट्रोल सुरक्षित
20 प्रतिशत इथेनॉल, पेट्रोल मिश्रित, जिसे E20 फ्यूल कहा जा रहा है। ऐसे वाहनों में सुरक्षित है जिसे 20 प्रतिशत इथेनॉल के उपयोग के अनुसार डिजाइन और परीक्षण किया गया हो। अप्रैल 2023 के बाद लॉन्च हुई कई नई कारें और बाइक, जिन्हें E20 कंपैटिबल घोषित कर दिया गया है, उन वाहनों में ई20 का प्रयोग सुरक्षित है।