Lucknow-Kanpur Expressway: नवनिर्मित लखनऊ – कानपुर एक्सप्रेसवे में उद्घाटन के 13वें दिन ही बारिश के कारण सड़क धंसा पाया गया है। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पाया कि 6-लेन एक्सप्रेसवे, उन्नाव जिले के कोरारी इलाके के पास कई मीटर तक फैले एक बड़े हिस्से का धंसा हुआ है।
वीडियो वायरल होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सरकार पर सीधा निशाना साधा है। प्रतिक्रिया के बाद NHAI ने सफाई दी है।

Lucknow-Kanpur Expressway: पूरा मामला
13 दिन पहले ही लखनऊ- कानपुर एक्सप्रेसवे का शानदार उद्घाटन हुआ था, जिसमें केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित थे। सड़क के तैयार होने के बाद जर्मनी की वर्ल्ड क्लास सड़कों से तुलना की जा रही थी। पर 13 दिन बाद ही 6 लेन एक्सप्रेसवे विवादों में है।
विवाद का कारण एक वायरल वीडियो है। जिसे, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मधुसूदन यादव ने, सोशल मीडिया पर सड़क के धंसे हुए हिस्से का वीडियो बनाकर डाला। योगी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए क्वालिटी पर भी सवाल उठाया। इसके बाद विपक्षी दलों ने भी सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपलोड किया।
सपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
सपा और कांग्रेस ने वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपलोड करते हुए , सरकार और NHAI पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने X पर ट्वीट किया — “ये 4200 करोड़ में बने लखनऊ कानपुर एक्प्रेसवे की हकीकत है। BJP सरकार में घटिया माल लगाकर सड़कें बनाई जाती हैं, पैसों की लूट-खसोट होती है, नेता मंत्री करोड़ों रुपए डकार जाते हैं। नतीजा जनता को “तोहफे” में ऐसी धंसी हुई रद्दी सड़क मिलती है। यह बीजेपी का “करप्शन मॉडल” है।”
NHAI ने क्या कहा
NHAI ने अपने X हैंडल पर सफाई देते हुए कहा – बारिश के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया था, जिसपर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक मरम्मत की कार्रवाई जारी है।बाद में, एक पोस्ट के जरिए बताया सड़क पर मरम्मत पूरी हो चुकी है, सड़क पर आवागमन शुरू हो चुका है।

बता दें कि, 13 जुलाई को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के करकमलों द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के कारण 3 घंटे का सफ़र मात्र 40 मिनट का हो गया था। इस 6 लेन एक्सप्रेसवे बनाने के लिय 4200 करोड़ रूपए खर्च किए गए थे। इसे PNC कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित किया गया तथा निर्माण के बाद NHAI को सौंप दिया गया था।