Snake Alert : बरसात के मौसम में जहरीले सांपों का कहर बढ़ जाता है। खेतों, घरों और जलभराव वाले जगहों पर सांप निकलने की घटना आम बन जाती है। ऐसे ही कई मामले उत्तरप्रदेश के श्रीदत्तगंज से आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (महादेईया) के फार्मासिस्ट मनीष यादव ने बताया — बरसात के समय में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में किसी भी झाड़-फुक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। सर्पदंश के मरीजों के उपचार के लिए एंटी वेनम का प्रयाप्त स्टॉक है।
सावधानी बरतने की सलाह दी
फार्मासिस्ट मनीष यादव ने क्षेत्रवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी। बरसात में खेतों, झाड़ियों, में जाते समय जूते पहने, रात में टॉर्च का उपयोग करें, घर के आसपास सफाई बनाए रखें। लकड़ी, भूसा या कूड़े में हाथ डालने से पहले सतर्क हो जाएं।
घर के ये महक भी आकर्षित करती है सांपों को
सांप केवल खेत, जंगल, झाड़ियों में ही सीमित नहीं रहते बल्कि कई बार रेंगते – रेंगते घर तक भी पहुंच जाते हैं। साँपों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है। कई बार आपका घर साफ सुथरा होने के बाद भी सांप घर में प्रवेश कर जाते हैं। सांपों का मुख्य भोजन चूहा, छिपकली, मेंढक, कीड़े मकोड़े आदि होते हैं। किचेन या स्टोर रूम में चूहे की गंध या उनके मलमूत्र का गंध भी सांपों को आकर्षित करता है।

नमी, सीलन या सड़ा हुआ कचरा भी है घर
सांपों को ठंडी और नमी वाली जगहें बहुत पसंद हैं। सीलन की बदबू, बेसमेंट, बाथरूम आदि इन्हें छुपने के लिए सुरक्षित लगती है। बालकनी या खिड़कियों पर लगे घने पौधे, झाड़ियां फूल आदि नमी देते हैं और इसलिए साँप वहां जाते हैं।